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सीएम मोहन यादव का निर्देश—गर्मी में प्रदेशभर में की जाए सार्वजनिक प्याऊ और छाया व्यवस्था: संभागायुक्त संजय गुप्ता ने भी दिए उपार्जन केंद्रों पर पानी, छांव की व्यवस्था करने के निर्देश
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है और मध्यप्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। सूरज की तपिश से आमजन बेहाल न हों, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों, नगरीय निकायों और पंचायतों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ लगाने और छाया की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गर्मी के मौसम में प्याऊ लगवाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जो मानवता और समाज सेवा का प्रतीक है। यह सिर्फ पानी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और दायित्व बोध को भी दर्शाता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की और कहा कि जल संरक्षण एवं जल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों से जल गंगा अभियान के तहत जल संरक्षण की अपील की। उन्होंने कहा कि जल प्रकृति का अनमोल उपहार है और हर बूंद महत्वपूर्ण है। गर्मी के मौसम में पानी की बर्बादी रोकने और इसे सहेजने के लिए हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि जल बचाने के लिए संचालित गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और दूसरों को भी जागरूक करें।
जानकारी के लिए बता दें, सोमवार दोपहर को संभागायुक्त संजय गुप्ता की अध्यक्षता में संभागीय उपार्जन समिति की बैठक हुई। इस बैठक में गुप्ता ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम जैसे पानी, छांव और ट्रैक्टर ट्राली पर रेडियम लगाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने और सत्यापन की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि इस संभाग में अब तक 541 उपार्जन केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें उज्जैन में 185, देवास में 113, नीमच में 28, मंदसौर में 64, रतलाम में 65, शाजापुर में 64 और अगर मालवा में 22 केंद्र शामिल हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो किसानों के लाभ के लिए और भी उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति ली जाएगी। बैठक में सभी जिलों के उपार्जन से जुड़े विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।